विकसित भारत @2047 के लिए देशव्यापी शिक्षा अभियान चलाएगा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यासउपशीर्षक: पुणे में राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक संपन्न, ज्ञान सभाओं और अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन की घोषणा।।

रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी

पुणे। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय, पुणे में संपन्न हुई। बैठक में देशभर के 40 से अधिक प्रांतों से आए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाएं, वैदिक गणित, शोध, शिक्षक शिक्षा एवं चरित्र निर्माण सहित शिक्षा के विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि न्यास देश के 15 से अधिक प्रांतों में “ज्ञान सभा” आयोजित करेगा। इन सभाओं के माध्यम से शिक्षा, समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर जनजागरण और संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही “विकसित भारत @2047 हेतु शिक्षा” विषय पर राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया। इसके तहत उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को जोड़कर समितियों का गठन किया जाएगा, जो विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर कार्य करेंगी।

न्यास ने घोषणा की कि 1 अगस्त को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के शिक्षाविद, नीति-निर्माता और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि 2 जुलाई को स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर के 100 से अधिक प्रमुख नगरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से भारतीय दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और समाज आधारित शिक्षा के विषय में जनजागरण किया जाएगा।महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आगामी अक्टूबर में जिम कॉर्बेट में अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में अब तक 20 से अधिक देशों की शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी महिला प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित हुई है। सम्मेलन में शिक्षा, नेतृत्व, शोध और सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

बैठक में दिसंबर तक शिक्षा से आत्मनिर्भरता, तकनीकी शिक्षा, वैदिक गणित, चरित्र निर्माण और पर्यावरण जैसे विषयों पर राष्ट्रीय स्तर की बैठकों एवं कार्यशालाओं के आयोजन का भी निर्णय लिया गया।बैठक के दौरान पारित एक प्रस्ताव में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा त्रिभाषा सूत्र के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्णय का स्वागत किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि यह कदम भारतीय भाषाओं के संरक्षण और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।बैठक में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, राष्ट्रीय संयोजक ए. विनोद, राष्ट्रीय सह-संयोजक संजय स्वामी, ओम शर्मा, राजेश्वर पराशर तथा राष्ट्रीय सहसचिव सविता सेंगर सहित देशभर के अनेक शिक्षाविद और पदाधिकारी उपस्थित रहे।समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का आधार शिक्षा है और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास भारत-केंद्रित, मूल्यनिष्ठ एवं राष्ट्रोन्मुख शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर निरंतर कार्य करता रहेगा।

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