
रिपोर्ट- डॉ० अभिषेक शुक्ला
शांतिपुरम, प्रयागराज। लोगों की खुशी में खुश होना और दुख में द्रवित होना मानवता का एक प्रमुख लक्षण है। आज कल के खान पान, रहन सहन के प्रभाव से यह लक्षण विचलित हो रहा है। जो सुखी जीवन के लिए ठीक नहीं है। यह बातें वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ० बलराम चौरसिया ने शांति पुरम में आयोजित चौरसिया समाज की जागरूकता गोष्ठि में कहा। सत्येंद्र ने कहा कि हर इंसान में अच्छाई व बुराई दोनों होती है। ऐसे में बुराई को हतोत्साहित एवं अच्छाई को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। प्रधानाध्यापक विष्नू ने कहा कि शिक्षारत बच्चों को लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी लगन से कड़ी मेहनत करनी चाहिए। अशर्फीलाल ने कहा कि सेवा भाव इंसान को महान बनाता है इस लिए जीवन में जब भी जरूरत मंद की सेवा का अवसर मिले तो श्रद्धा शक्ति के अनुरूप, खुशी मन से करना चाहिए। रंजीत ने चौरसिया समाज के महान समाज सुधारक, पूर्व सांसद बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की जयंती तेरह मार्च को मिलकर मनाने का प्रस्ताव रखा। जिस सभी लोगों ने सहमति जताई।
