
#रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी।
श्रृंगवेरपुर, प्रयागराज। सनातन धर्म में शक्ति की उपासना स्वयं ब्रह्मा विष्णु और महेश भी करते हैं। ऐसे ही एक शक्ति मां कंकाल काली जिनकी सिद्धि एवं ऊर्जा से न केवल पृथ्वी लोक बल्कि पाताल लोक तक सकारात्मक ऊर्जा पहुंचती है। त्रेता युगीन श्रृंगवेरपुर धाम जहां प्रभु श्री राम ने माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ गंगा पार करके चित्रकूट के लिए वनवास काल में जटा जूट रूप धारण करके निकले थे। वही श्रृंग्वेरपुर धाम स्थित ऐसा ही मंदिर जहां मां काली की कृपा उनके भक्तों पर बरसती है।

शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी मंदिर की स्थापना बिना ईश्वर की इच्छा के नहीं की जा सकती। जब तक ईश्वर की कृपा नहीं होती मंदिर की स्थापना करना संभव नहीं है। ठीक इसी प्रकार श्रृंगवेरपुर धाम स्थित मां कंकाल काली पातालपुरी मंदिर जिसकी स्थापना जमीन के ऊपर ना करके जमीन के नीचे की गई है। जिससे यहां प्रतिदिन सकारात्मक ध्वनि एवं ऊर्जा निकलती रहती है। लोगों को कहना है कि इस प्राचीन कंकाल काली मंदिर मे माता के दर्शन करने मात्र से ही सभी संकटों का निवारण हो जाता है। मां कंकाल काली पातालपुरी के संस्थापक एवं पातालपुरी पीठाधीश्वर महंत मानस बाबा जिन्होंने इस मंदिर की स्थापना करके संपूर्ण क्षेत्र में शक्ति को हर घर तक पहुंचाया है। शक्ति जो ना केवल एक स्वरूप है बल्कि इसका कोई समय और सीमा नहीं है। निर्मल मन वाले व्यक्ति के पास इस शक्ति का आवाहन करने मात्र से माता काली की कृपा बरसती रहती है। महंत मानस बाबा ने बताया कि पातालपुरी अर्थात जो पाताल तक अपनी ऊर्जा को पहुंचा दें। स्वर्ग से लेकर पाताल को जोड़ने वाला यह पातालपुरी मां कंकाल काली मंदिर साधना का एक पवित्र स्थल है। इसके चारों तरफ उर्जा का अंबार लगता है। जहां भक्त पहुंचकर सुख एवं शांति का अनुभव करते हैं।
