
रिपोर्ट- कुलदीप शुक्ला
प्रयागराज। मण्डल रेल प्रबंधक हिमांशु बडोनी के नेतृत्व में स्वच्छता पखवाड़े का शुभारम्भ किया गया। स्वच्छता पखवाड़ा 01अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। स्वच्छता पखवाड़े की के पहले दिन मण्डल कार्यालय में शपथ समारोह आयोजित किया गया।
बता दें कि समस्त कर्मचारियों को स्वच्छता के प्रति शपथ के साथ जागरूक किया। अपील की गयी कि भारत सरकार की “स्वच्छ भारत मिशन” की मुहीम को पूरे उत्तर मध्य रेलवे के सभी स्टेशनों पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को आत्मसात करना है। रेलवे व उसके आस-पास के क्षेत्रों को साफ़-सुथरा व स्वच्छ बनाना सभी का कर्तव्य है। हिमांशु बडोनी ने स्वच्छता के प्रति स्वयं एवं मंडल कार्यालय के सभी कर्मचारियों को शपथ दिलायी कि “मैं शपथ लेती व लेता हूँ कि मैं स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहूँगा और उसके लिए समय दूँगी व दूंगा। हर वर्ष 100 घंटे यानि हर सप्ताह 02 घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूँगी व करूँगा। मैं न गन्दगी करूँगी व करूँगा। न किसी और को करने दूँगी व दूंगा। सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से, मेरे मोहल्ले से, मेरे गांव शहर से एवं मेरे कार्यस्थल से शुरुआत करूँगी व करूंगा । मैं यह मानती व मानता हूँ कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं। उसका कारण यह है कि वहां के नागरिक गन्दगी नहीं करते और न ही होने देते हैं। इस दृढ विचार के साथ में गांव, कस्बों और शहरों में स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूँगी व करूँगा। मैं आज जो शपथ ले रहा हूँ, वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाउंगी व करवाऊंगा। वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घंटे दें, इसके लिए प्रयास करूँगी व करूँगा। मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।“ शपथ समारोह में अपर मण्डल रेल प्रबंधक सामान्य संजय सिंह ने सभी कर्मचारियों को अपने विभाग को स्वच्छ रखने को कहा है। जिसकी समीक्षा वे स्वयं दिनांक 14 अक्टूबर को करेंगे। जिस विभाग में साफ-सफाई व स्वच्छता को सर्वोपरी रखा जायगा। उस विभाग को अपर मण्डल रेल प्रबंधक सामान्य, संजय सिंह स्वयं पुरस्कृत करेंगे। प्रयागराज मंडल के सभी स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाडा में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्टेशनों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। स्वच्छता पखवाड़े सभी स्टेशनों पर स्वच्छता के लिए आम जनमानस को जागरूक किया जा रहा है।जिसके लिए कई जगह नुक्कड़ नाटकों का आयोजन भी किया जा रहा है।
