“पत्रकारों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर उत्तर प्रदेश पत्रकार कल्याण परिषद ने गहरी चिंता व्यक्त की है। परिषद ने कहा कि अपराधियों के बढ़ते मनोबल के बीच अब पत्रकार भयमुक्त होकर काम नहीं कर पा रहे हैं। परिषद ने सरकार से मांग की है कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”

रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी।। एन24 मीडिया।।
प्रयागराज। पत्रकारों पर बढ़ते हमलों ने एक बार फिर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शासन, प्रशासन और आम जनता के बीच सेतु का कार्य करने वाले पत्रकार आज भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। हाल के वर्षों में देशभर, विशेषकर उत्तर प्रदेश में, पत्रकारों पर हमले आम बात बन गए हैं। कई मामलों में पत्रकारों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया, जबकि बाद में अदालत ने उन्हें निर्दोष पाया।
उत्तर प्रदेश पत्रकार कल्याण परिषद ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। परिषद का कहना है कि समाज को आईना दिखाने वाले पत्रकार अब अपराधियों के निशाने पर हैं। खासकर वे पत्रकार जो नशे के कारोबार, अवैध खनन, सट्टेबाजी और वसूली जैसे अपराधों का भंडाफोड़ करते हैं, उन्हें जान से मारने या डराने-धमकाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। परिषद ने आरोप लगाया कि कुछ जिलों में विशेष पुलिस बल के संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है और इसके खिलाफ बोलने वाले पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।परिषद ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि ऐसे पेशेवर अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रत्येक जिले में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए ताकि वे भयमुक्त होकर अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। परिषद का कहना है कि यदि पत्रकार असुरक्षित रहेंगे तो लोकतंत्र का यह महत्वपूर्ण स्तंभ कमजोर पड़ जाएगा।
उत्तर प्रदेश पत्रकार कल्याण परिषद ने प्रयागराज में हाल ही में एक पत्रकार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। परिषद ने घोषणा की है कि वह शीघ्र ही अपने सभी पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर एक प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से प्रदेश सरकार से मुलाकात करेगा। इस मुलाकात में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। परिषद ने कहा कि अब समय आ गया है जब सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
