“सिविल लाइंस में हुई पत्रकार की निर्मम हत्या से पत्रकार जगत में शोक और गुस्से की लहर, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब ने की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग”

रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी।। एन24 मीडिया।।
प्रयागराज। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात हुई पत्रकार एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू की निर्मम हत्या ने पूरे प्रयागराज शहर को हिला दिया है। धारदार हथियार से की गई इस जघन्य वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पत्रकारिता जगत में भी गहरा आक्रोश और शोक की लहर दौड़ा दी है। पत्रकारों ने एक स्वर में कहा है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।
घटना के बाद शुक्रवार की सुबह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता क्लब के संयोजक वीरेंद्र पाठक ने की। बैठक में शहर के वरिष्ठ, युवा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पत्रकारों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की। बैठक में यह भी तय किया गया कि इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
पत्रकारों ने शासन-प्रशासन से यह भी मांग की कि मृतक पत्रकार के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, बच्चों की शिक्षा की पूरी व्यवस्था की जाए और घटना स्थल से अस्पताल तक ले जाने में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
इसी क्रम में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगिंदर सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकार एल.एन. सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की अपील की। पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, जिलाधिकारी ने कहा कि मृतक पत्रकार के परिवार को शासन की ओर से हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मृतक के बच्चों की पढ़ाई, परिवार के भरण-पोषण और अन्य जरूरतों के लिए सरकारी योजनाओं के तहत विशेष प्रबंध किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा से संबंधित मांगों पर शासन को अवगत कराया जाएगा।
पत्रकारों ने प्रयागराज पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया, जिसके पैर में तीन गोलियां लगीं। हालांकि, पत्रकारों ने मांग की कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
बैठक और प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र पाठक, अनुपम शुक्ला, राजेंद्र गुप्ता, दिनेश तिवारी, मो. आमिर, कुलदीप शुक्ला, नीतेश सोनी, शैलेश कुमार, आरव भारद्वाज, गगन सिंह, विकास मिश्रा, विनीत शेट्टी, पवन मिश्रा, शमशाद अहमद, मोहम्मद अनवर खान, पवन उपाध्याय, इमरान यूसुफी, पंकज गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, सलमान अहमद, तारकेश्वर नाथ पांडे, धीरज कुमार, दिव्यांश पांडे, रचना त्रिवेदी सहित अनेक मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।
सभी पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि जब तक पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति नहीं बनेगी, तब तक ऐसे हमले रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए ताकि पत्रकार निडर होकर समाज के हित में काम कर सकें।
