भारतीय भाषाओं में न्याय व्यवस्था हेतु दिल्ली में कार्यशाला आयोजित।।

रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी

नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025: भारतीय भाषा अभियान, दिल्ली प्रांत द्वारा शनिवार को रोहिणी न्यायालय परिसर में अधिवक्ता कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रांतीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य न्याय व्यवस्था में भारतीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा देना और अधिवक्ताओं को मातृभाषा में विधिक कार्यों के लिए प्रेरित करना था।

बता दें कि कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित वक्ताओं एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से संजय स्वामी (राष्ट्रीय सह-संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास), जयदीप राय (राष्ट्रीय संयोजक, भारतीय भाषा अभियान), अनुराग दीप (विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय), राघवेंद्र शुक्ल (अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट एवं प्रांत संयोजक), और कृष्ण कुमार शर्मा (सह प्रांत संयोजक) उपस्थित रहे।कार्यशाला के पहले सत्र में भोपाल में हाल ही में संपन्न राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेकर लौटे कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए।

राघवेंद्र शुक्ल ने भारतीय भाषा अभियान की विकास यात्रा, चुनौतियाँ और आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अब उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्तिगण भी इस अभियान के उद्देश्यों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने “एक अधिवक्ता एक वाद” और RWA के माध्यम से जनसंपर्क को मज़बूत करने की आवश्यकता बताई। इसके बाद सविता कसाना ने सूचना का अधिकार अधिनियम पर विचार रखे। मनंजय मिश्रा ने विधि शिक्षा और अनुसूचित भाषाओं में अध्ययन-अध्यापन की समस्याओं और समाधान पर अपने विचार रखे। वरिष्ठ अधिवक्ता रामजी पांडे ने “भारत का संविधान और भारतीय भाषाएँ” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। माधव कृष्ण दुबे ने राजभाषा अधिनियम की वर्तमान स्थिति और उसके कार्यान्वयन की चुनौतियों पर चर्चा की। बृजेन्द्र सिंह ढुल ने भारतीय न्याय संहिता और नागरिक सुरक्षा अधिनियम पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुराग दीप ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विधिक पहलुओं पर चर्चा की, वहीं मोनिका शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारतीय भाषाओं की भूमिका पर विचार रखे और ‘अनुवादिनी ऐप’ की जानकारी दी। रक्षपाल सिंह ने संगठन निर्माण और कार्यकर्ताओं के समर्पण की भूमिका पर बल दिया। संजय स्वामी ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की भूमिका और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को भी अभियान से जोड़ने की आवश्यकता जताई। राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राय ने अभियान की आगामी योजनाओं की जानकारी दी और सभी प्रांतों में कार्यशालाएँ आयोजित कर अधिवक्ताओं को मातृभाषा में विधिक कार्य के लिए प्रशिक्षित करने की बात कही। कार्यक्रम का समापन कृष्ण कुमार शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। वसंत वल्लभ मिश्रा, अधिवक्ता भारतीय भाषा अभियान, तीस हजारी न्यायालय इकाई ने सबका सादर आभार व्यक्त किया।

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