
रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 27 जुलाई को आयोजित की जा रही समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा को निष्पक्ष, नकलविहीन और सुचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के नेतृत्व में संगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी की दो टूक चेतावनी:
डीएम रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाले किसी भी तत्व के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य में उदाहरण बनेगी। उन्होंने पेपर लीक माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोशिश की गई, तो दोषियों को न केवल जेल भेजा जाएगा, बल्कि उनकी सेवा समाप्ति की भी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई अधिकारी हो या कर्मचारी।
परीक्षा केंद्रों पर सतर्क निगरानी:
जिलाधिकारी ने डीपी स्कूल, कटरा व मेरी वाना मेकर सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं और किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक खामी नहीं होनी चाहिए।
प्रयागराज में 106 परीक्षा केंद्र:
प्रयागराज जनपद में कुल 106 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 76 केंद्र शहरी क्षेत्र में, 16 केंद्र गंगापार और 14 केंद्र यमुनापार क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा एवं निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं।
परिवहन व्यवस्था भी रहेगी सुचारु:
परीक्षा के दिन परिवहन निगम और सिटी बस चालकों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी परीक्षार्थी यदि रास्ते में बस रुकवाना चाहे, तो भले ही बस भरी हो, उसे रोककर बैठाया जाए। प्रशासन ने इस बाबत सभी चालकों एवं परिचालकों को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं।
जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार:
जिलाधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित कराने के लिए पूर्णत: कटिबद्ध है। परीक्षा की निष्पक्षता और शुचिता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
