
रिपोर्ट कुलदीप शुक्ला
प्रयागराज। फाफामऊ पुल को 1 सितम्बर 2025 से मरम्मत कार्य हेतु पूरी तरह बंद किए जाने के निर्णय से स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं और आम जनमानस में आक्रोश और चिंता व्याप्त है। इस संबंध में अधिवक्ता रोहित कुमार यादव (फाफामऊ), जनपद न्यायालय इलाहाबाद ने जिलाधिकारी प्रयागराज को ज्ञापन सौंपकर पुल को बंद न करने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
बता दें कि अधिवक्ता का कहना है कि इस पुल के बंद होने से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित होगा। प्रयागराज से लखनऊ जाने का यह एकमात्र मार्ग है, जिस पर मरीजों को आपातकालीन इलाज के लिए ले जाया जाता है। यदि पुल बंद कर दिया गया तो गंभीर मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो पाएगा, जिससे बड़ी समस्याएं खड़ी होंगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और लखनऊ के लिए कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पुल को बंद करना आम जनता, अधिवक्ताओं, विद्यार्थियों, आपातकालीन वाहनों, एम्बुलेंसों और पैदल चलने वालों सभी के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने मांग की है कि जब तक कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार न हो जाए, तब तक फाफामऊ पुल को बंद करने का निर्णय स्थगित किया जाए। अन्यथा कम से कम दोपहिया वाहनों, एम्बुलेंसों और पैदल यात्रियों के लिए आवाजाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन देने वालों में रोहित यादव फाफामऊ, सुनील यादव, रुपनाथ यादव, सौरभ रामा, सचिन शुक्ला, संजय पटेल, अमित कुमार, संदीप मंत्री, आशीष पाल, पंकज मिश्रा, धीरेन्द्र सिंह, क्षितिज शुक्ला, जिज्ञांशु यादव, नितिन राजपाल, हंजला फारुकी आदि शामिल रहे।
