
रिपोर्ट- अरविन्द पाण्डेय
लखनऊ। ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन, नई दिल्ली की उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की बैठक प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष शोएब अहमद ने की।बैठक में छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के समक्ष उत्पन्न संकटों पर गंभीर चर्चा हुई। सदस्यों ने चिंता जताई कि भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) का कार्यकाल समाप्त हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद 15वीं परिषद का गठन नहीं हुआ है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय के कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (13 मई 2015) के निर्णय के अनुपालन की मांग भी दोहराई गई।
फेडरेशन ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि प्रेस परिषद की 12वीं परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव—स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स के लिए न्यूजप्रिंट पर जीएसटी हटाने—को तत्काल लागू किया जाए। सदस्यों ने सीबीसी (भारत सरकार) और यूपीआईडी (उत्तर प्रदेश सरकार) पर विज्ञापन वितरण में छोटे व मध्यम समाचार पत्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया।बैठक में उत्तर प्रदेश को छह जोनों में विभाजित कर जोन कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए। इनमें जोन 1 के अशोक नवरत्न (लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा), जोन 2 के नीरज गुप्ता (मुरादाबाद, बरेली), जोन 3 के मुकेश गोयल (मेरठ, सहारनपुर), जोन 4 के अनिल त्रिपाठी (वाराणसी, प्रयागराज), जोन 5 के परवेज आलम (बांदा, झांसी, मिर्जापुर) और जोन 6 के शोएब अहमद (आजमगढ़, गोरखपुर, देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती) शामिल हैं।
फेडरेशन ने पत्रकारों के लिए सामूहिक बीमा, आवास सुविधा, पहचान पत्र जारी करने तथा किसी भी अभियोग से पहले उच्चस्तरीय जांच की अनिवार्यता की मांग की। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार से प्रेस परिषद की विज्ञापन उपसमिति की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करने और प्रयागराज उच्च न्यायालय में लंबित वर्ष 2025 की याचिका की शीघ्र सुनवाई की अपेक्षा जताई गई।
बैठक में प्रमुख रूप से अशोक कुमार नवरत्न, अनिल कुमार त्रिपाठी, परवेज आलम, अनिल कुमार सिंह, अमजद हुसैन, केपी मिश्रा, तीरथ सिंह, अश्वनी कुमार गुप्ता, पंकज शर्मा, मनीष श्रीवास्तव, दीपक तिवारी, अर्जुन द्विवेदी, बालाजी प्रजापति, विजय राज साहू, हर्षित त्रिपाठी, पंकज सिंघल आदि उपस्थित रहे।
