
रिपोर्ट- नीरज कुमार त्रिपाठी
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में इस बार महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों का मूल्यांकन अब कुल 120 अंकों पर आधारित होगा। इसमें शैक्षणिक प्रदर्शन, नेट स्कोर और इंटरव्यू को प्रमुख मापदंड बनाया गया है।
बता दें कि नई प्रवेश प्रणाली के अनुसार, शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 20 अंक, नेट स्कोर को 70 प्रतिशत वेटेज और इंटरव्यू के 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। इंटरव्यू में उम्मीदवारों के रिसर्च प्रपोजल, विषय की समझ और शोध दृष्टिकोण पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने नेट पर्सेंटाइल के आधार पर उम्मीदवारों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है।
पहली श्रेणी में सर्वाधिक नेट पर्सेंटाइल वाले उम्मीदवार शामिल होंगे, जो जेआरएफ, सहायक प्राध्यापक, पीएचडी दाखिला और फेलोशिप के लिए पात्र होंगे। इन्हें सीधे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
दूसरी और तीसरी श्रेणी में मध्यम और न्यूनतम पर्सेंटाइल वाले अभ्यर्थी होंगे। दूसरी श्रेणी के उम्मीदवार सहायक प्राध्यापक और पीएचडी दोनों के लिए, जबकि तीसरी श्रेणी के उम्मीदवार केवल पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र होंगे। इन दोनों श्रेणियों से दोगुनी संख्या में उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष 49 विषयों में कुल 873 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चलाई जा रही है। इनमें 534 सीटें विश्वविद्यालय परिसर में और 339 सीटें संबद्ध कॉलेजों में निर्धारित हैं।
पीएचडी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 सितंबर से शुरू हो चुके हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर 2025 तय की गई है।विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापरक बनेगी, जिससे योग्य और शोध-उन्मुख छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
